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Tuesday, September 4, 2012

सभटा कि‍सानमे हमहीं बकलेल...- मो. गुल हसन


मो. गुल हसन, गाम-बेरमा, पत्रालय-बेरमा, भाया-तमुरि‍या, जि‍ला- मधुबनी (बि‍हार) पि‍न- ८४७४१०

सभटा कि‍सानमे हमहीं बकलेल...
अंगना सन जोति‍-जोति‍
 
खेत हम बनेलौं
 
डी.ए.पी. पोटास संग गहुम बुनलौं
सभटा कि‍सानमे हमहीं बकलेल
 
दौगू-दौगू यौ काका जुलुम भऽ गेल।

एहेन सुन्दर गहुम काका पाड़ा चरि‍ गेल
 
दौगू-दौगू यौ काका जुलुम भऽ गेल।

कच्ची आध कोस धरि‍ पाइपो पसारलौं
 
महग पानि‍ कीनि‍ गहुम पटेलौं
 
नै जानि‍ दैवा ई वि‍पत्ति‍ कि‍अए देल
 
दौगू-दौगू यौ काका डाका पड़ि‍ गेल।
 

अहीं सरपंच काका आँखि‍ खोलि‍ देखि‍यौ
घसबहि‍नी-चरबाहाक उपद्रवकेँ देखि‍यौ
 
खर्चा जोड़ैत-जोड़ैत
 
हमर खून सूखि‍ गेल
 
दौगू-दौगू यौ काका गहुम बकरी चरि‍ गेल।
 

लि‍खैत ई बात गुल हसन कहैए
 
कि‍ कहू काका आब कि‍छु ने फुड़ैए।
 
केलहा-धेलहा सभटा पानि‍मे चलि‍ गेल
 
दौगू-दौगू यौ काका डाका पड़ि‍ गेल।


Tuesday, April 10, 2012

मो. गुल हसन - सभटा चौपट्ट भऽ गेल



बड़ मेहनतसँ खेती कएलहुँ
नीक-नीक धानक बीया लगेलहुँ
गोबर-छाउरकसँ खेत भरि हम
कादो कए हम धान लगेलहुँ
मुदा नहि जानि विधना कि लिखि देल....
की कहुँ भाय सभटा चौपट भऽ गेल।

धानक शान कहल नइ जाइ छल
हरियर कंचन धान लगै छल
तुलसी फूल-बासमतिसँ
गम-गम करैत हमर खेत भरल छल
मुदा, बाढ़िक चपेटमे सभ चल गेल
की कहुँ भाय सभटा चौपट भऽ गेल

कमला तँ मानि गेली
मुदा, कोशी बिगड़ल छल
आ भुतहीकेँ तँ बाते नहि करु
जेना सोझहे ओ उलटल छल
नहरक पानि आ वर्षा मिलि
दुनू खेलल ऐहन खेल
की कहुँ भाय सभटा चौपट भऽ गेल

सरकारक अभियान चलल
नेता सभ केलनि पहल...
एक हजार रुपैआ आ एक क्‍वीन्‍टल अनाज
देव से सुनि मनमे राहत तँ जरुर भेटल,
मुदा हे, अढ़ाइये सए रुपैआ पचीसे किलो चाउर
एतनेपर ओहो ब्रेक लागि गेल
की कहुँ भाय सभटा चौपट भऽ गेल

लिखैत ई बात गुल हसन कहैए की कहुँ भाय.....
आब हमरा किछु नहि फुरैए...
किऐक तँ हेँ
केलहा-धेलहा तँ सभटा पानिमे चल गेल
की कहुँ भाय सभटा चौपट भऽ गेल।